भाजपा का विधायक है तो सारे नियम तोड़ दिए: मात्र एक सप्ताह में ही नीमच विधायक दिलीपसिंह
  • Reporter : dashpur live desk
  • Updated on: February 28, 2026, 4:52 pm

परिहार के बेटे और बेटी के नाम आदिवासियों की

भूमि ख़रीदने के आदेश जारी कर दिए..

सत्ता की रफ़्तार या नियमों की बलि: विधायक है तो सिर्फ एक सप्ताह में ही आदिवासी की जमीन को बेचने के आदेश जारी हो गए..

इस दौरान फाइल तीन विभागों में भी चली गई और विज्ञप्ति भी जारी हो गई और पटवारी व सब रजिस्ट्रार की रिपोर्ट भी आई गई!

"नियमों को ताक पर रखकर मात्र 7 दिन में फाइल क्लियर! जहाँ आम आदमी महीनों भटकता है, वहीं विधायक पुत्र-पुत्री के लिए पटवारी से लेकर कलेक्टर तक की रफ्तार ने सबको चौंका दिया। क्या यह आदिवासियों की जमीन पर रसूख का कब्ज़ा है?"

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रफ्तार से हुई कार्यवाही पर एक नजर:-

- दिनांक 14 दिसंबर 2020 को विधायक के पुत्र यशराजसिंह व पुत्री हर्षना परिहार के नाम से आदिवासी लालुराम पिता हजारी भील व प्रेमबाई पति लालुराम भील के नाम से अहस्तान्तरणीय भूमि के बेचने का आपस में ख़रीद- बिक्री का अनुबंध होता है।

- फाइल एसडीएम ऑफिस पहुँचती है और एसडीएम ऑफिस में फाइल बिल्कुल नहीं रुकती और सीधे टीप होकर नीमच तहसीलदार ऑफिस पहुंच जाती है।

-21 दिसंबर 2020 को तहसीलदार एक ही दिन में पटवारी रिपोर्ट बनवा लेते हैं और सब रजिस्ट्रार से भी रिपोर्ट आ जाती है , विज्ञप्ति भी जारी हो जाती हैं और उसमे किसी की आपत्ति भी नहीं आती है, जबकि विज्ञप्ति की सुनवाई की अवधि 15 दिन होती है। सब प्रक्रिया होकर फ़ाइल एसडीएम कार्यालय की ओर रवाना कर दी जाती है।

- 22 को 2020 को फाइल वापस एसडीएम पहुँचती है और यहाँ पर फिर नहीं रुकती है। उसी दिन फाइल कलेक्टर कार्यालय पहुंच जाती है।

- दिनांक 23 दिसंबर 2020 को कलेक्टर नीमच द्वारा आदेश जारी कर दिया जाता है कि दिलीप सिंह परिहार के बेटे यशराजसिंह व पुत्री हर्षना परिहार को ग्राम बरखेड़ा हाड़ा पटवारी हल्का चम्पी तहसील व जिला नीमच म. प्र. में स्थित सर्वे क्रमांक 181 रकबा 0.09 हे. व 186/1 रकबा 0.3400 हे. कुल रकबा 0.430 हे. भूमि लालुराम पिता हजारी भील व प्रेमबाई पति लालुराम भील बेच सकते हैं।

- दिनांक 26 दिसंबर 2020 को विद्यायक दिलीपसिंह परिहार द्वारा अपने पुत्र यशराजसिंह व पुत्री हर्षना परिहार के नाम से पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री भी हो गई।

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