मध्यप्रदेश के नीमच जिले के चीताखेडा में कल बुधवार को रिवाल्वर की नोक पर एक कथित लूट का मामला सामने आया था। एक ही दिन में पुलिस ने इस फर्जी लूटकांड का खुलासा कर दिया है। महिला की कहानी से शुरू से ही शक था, क्योंकि वह मीडिया के समक्ष हंसकर बोल रही थी। वह खुद गांव के ही सुनार को सोने—चांदी के आभूषण बेच आई थी, पति डॉक्टर से बचने के लिए उसने लूट की फर्जी कहानी बनाई, पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पूरा राज सामने आ गया।
जीरन थाना क्षेत्र के चीताखेड़ा गांव के मांगरिया मोहल्ला निवासी चंदबाई का पति डॉ. कन्हैयालाल परमार डॉक्टर है। घर पर कोई नहीं था, उसकी पत्नी चंदाबाई अकेली थी और उसने बुधवार साढे ग्यारह बजे लूट होना बताया। इस खबर पर जीरन के चीताखेडा चौकी प्रभारी राजेंद्रसिंह सिसौदिया जांच में जुट गए।क्योंकि लूट होना एक बडी बात है। महिला चंदाबाई ने कहानी बताई कि दो युवक और एक पुरूष इलाज करवाने के लिए आए थे, पानी मांगा और रिवाल्वर दिखाई कर तिजोरी में रखे आभूषण लूट कर ले गए। किन्तु पुलिस जांच में सामने आया कि घर पर कोई नहीं आया था, जब संदेह की सूई चंदाबाई पर घूमी और पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि चंदाबाई खुद आभूषण को पति के बिना बताए गांव के ही सुनार को बेचकर आ गई थी। ऐसे में उसने ही फर्जी कहानी रची।
ये लूटना बताया था—
एक किलो चांदी के आभूषण, दो पायजेब जोड़ी, एक कंदोरा, दो तोला सोने के आभूषण (टीका, मंगलसूत्र, अंगूठी ,कान के झुमके) और चार हजार रुपए नगद लूटना बताया था।