मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ थाना क्षेत्र के ग्राम बघुनिया में एक 14 वर्षीय छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में आज 26 मार्च 2026 गुरुवार को जन आक्रोश सड़क पर उतर आया। पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने उलाब-मेलखेड़ा चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस सामूहिक दुष्कर्म के मामले को सामान्य छेड़छाड़ बताकर आरोपियों को बचा रही है।
वारदात की रूह कंपा देने वाली कहानी:
घटना 6 दिन पहले की है। गांव के ही एक युवक ने नाबालिग को फोन कर बुलाया, जहां उसके 4 अन्य दोस्त पहले से मौजूद थे। आरोप है कि पांचों ने छात्रा को एकांत में ले जाकर दरिंदगी की। इसी बीच सड़क से पुलिस की गाड़ी गुजरती दिखी, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मासूम को कुएं में धक्का दे दिया।
रातभर पत्थर पकड़कर कुएं में झूलती रही जिंदगी:—
छात्रा रातभर मौत से लड़ती रही। वह एक पत्थर के सहारे कुएं में टिकी रही। अगले दिन सुबह 10 बजे जब राहगीरों ने चीख-पुकार सुनी, तब उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
पुलिस की थ्योरी पर उठते 3 बड़े सवाल:—
गैंगरेप या छेड़छाड़?: पीड़िता और परिजनों का आरोप है कि 5 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया, लेकिन पुलिस ने केवल 1 आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया।
आरोपियों को किसका संरक्षण?: घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं?
धाराओं में खेल?: क्या पुलिस ने मामले की गंभीरता को कम करने के लिए कमजोर धाराओं का सहारा लिया?
चौराहे पर लगा जाम, पुलिस ने दिया आश्वासन
आज सुबह जब ग्रामीणों का सब्र टूटा, तो उन्होंने मेलखेड़ा चौराहे की घेराबंदी कर दी। मौके पर पहुंचीं शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्री ने उग्र भीड़ को समझाइश दी।