सिंघम अवतार: जिन केसों को सुलझाने में महीनों लग जाते थे, अब मंदसौर पुलिस उन्हें चंद घंटों में चटका रही
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की कमान जब से SP विनोद कुमार मीना के हाथों में आई है, मंदसौर पुलिस की कार्यप्रणाली 'कछुआ चाल' छोड़कर 'बुलेट ट्रेन' की रफ्तार पकड़ चुकी है। साहब का सख्त आदेश है— "अपराध हुआ है तो उस पर टूट पड़ो।" नतीजा यह है कि जिन केसों को सुलझाने में महीनों लग जाते थे, अब मंदसौर पुलिस उन्हें चंद घंटों में चटका रही है।
कमांडो स्टाइल में एक्शन: "विकेट उड़ाने" के निर्देश:—
SP मीना ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अपराधियों को सुधरने का मौका नहीं, सीधे सलाखों के पीछे की जगह दी जाए। विशेषकर मादक पदार्थ तस्करों (अफीम, डोडाचूरा, स्मैक, MD) के लिए पुलिस अब 'काल' बन गई है। SP ने साफ कहा है— तस्करों की लिस्ट बनाओ और उनके विकेट उड़ाते रहो।
केस-1: सगा भतीजा ही निकला 'कलयुगी' कातिल:—
सीतामऊ के साखतली में शंकरलाल पाटीदार की हत्या ने सनसनी फैला दी थी। पुलिस पर दबाव था, लेकिन SP के नेतृत्व में टीम ने ऐसी घेराबंदी की कि चंद घंटों में ही कातिल बेनकाब हो गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि खून का प्यासा कोई और नहीं, बल्कि सगा भतीजा ही निकला। पुलिस की फुर्ती ने अपराधी को भागने तक का मौका नहीं दिया।
केस-2: पति का कत्ल कर पुलिस पर मढ़ रही थी दोष, SP ने पकड़ी 'पिन पॉइंट' चोरी:—
सूरजनी का भय्यू लाला हत्याकांड पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। शातिर पत्नी रुखसाना ने खुद अपने पति को मौत के घाट उतारा और फिर उलटा पुलिस पर ही हत्या का आरोप मढ़कर जांच भटकाने की कोशिश की।
यूं चला माइंड गेम: रुखसाना ने सारे सबूत मिटा दिए थे, वह लगातार पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रही थी।
कैसे फंसी कातिल हसीना: SP विनोद कुमार मीना ने मामले की बारीकी से स्टडी की और एक 'पिन पॉइंट' पकड़ लिया। जैसे ही पुलिस ने उसके मददगार शाहरुख को दबोचा, रुखसाना अंडरग्राउंड हो गई। पुलिस ने इस पेचीदा मर्डर मिस्ट्री को सुलझाकर साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की नजरों से नहीं बच सकता।
अब अपराधियों की खैर नहीं!
मंदसौर पुलिस अब केवल FIR दर्ज नहीं कर रही, बल्कि अपराध की जड़ तक जाकर उसे उखाड़ फेंक रही है। SP मीना के 'क्विक रिस्पॉन्स' फॉर्मूले ने जिले के बदमाशों की नींद उड़ा दी है।
साहब का सीधा फंडा:—
— अपराध कैसे हुआ, किसने किया? बस इसी पॉइंट पर फोकस करो। अगर अपराधी मादक पदार्थ का तस्कर है, तो कार्रवाई में रत्ती भर की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।