मंदसौर जिले में सीबीएन की बडी कार्रवाई, एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड. 21 किलो एमडी डग्स जब्त, मंदसौर एसपी विनोदकुमार मीना ने कचराना चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिंह सहित तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
  • Reporter : dashpur live desk
  • Updated on: May 9, 2026, 5:20 pm


मन्दसौर। नशे के सौदागरों के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) राजस्थान ने अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सर्जिकल स्ट्राइक की है! मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिले के एक सुदूर गांव में खेतों के बीच चल रही एक 'सीक्रेट सिंथेटिक ड्रग्स लैब' का भंडाफोड़ कर सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के उस काले साम्राज्य को उखाड़ फेंका है, जो युवाओं की रगों में जहर घोलने की तैयारी कर रहा था।

पूरी कार्रवाई कोटा के उप नारकोटिक्स आयुक्त श्री नरेश बुंदेल के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। इस रेड के बाद ड्रग्स माफियाओं के खेमे में हड़कंप मच गया है।

खेत की आड़ में 'जहर' बनाने का फॉर्मूला!

CBN को पुख्ता और बेहद गोपनीय इनपुट मिला था कि मन्दसौर जिले के दलौदा तहसील के लसूड़िया ईला गांव के बाहरी इलाके में, खेती की जमीन पर बने एक सुनसान कमरे में अवैध रूप से मेफेड्रोन (एमडी ड्रग) बनाने का धंधा चल रहा है।

सूचना इतनी सटीक थी कि बिना वक्त गंवाए चित्तौड़गढ़ डिवीजन I, II और III के जांबाज अधिकारियों की एक ज्वाइंट टीम बनाई गई। जब टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। वहां बकायदा एक हाईटेक अवैध केमिकल लैब स्थापित की जा चुकी थी।

डेंजर ज़ोन में आधी रात को 'कमांडो एक्शन'

इलाके की संवेदनशीलता और वहां के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड (Notorious Background) को देखते हुए ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। जरा सी चूक और तस्कर फरार हो सकते थे। ऐसे में तुरंत बैकअप के लिए मध्य प्रदेश की CBN जावरा प्रिवेंटिव सेल को मौके पर बुलाया गया।

दोनों राज्यों की टीमों ने पूरे इलाके की घेराबंदी की और तस्करों को हिलने तक का मौका नहीं दिया। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई और ड्रग्स बनाने के पूरे अवैध सेटअप को जड़ से उखाड़ फेंका गया।

क्या-क्या हुआ बरामद? (जब्ती की लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आप)

नशे के इस ठिकाने से जो सामान मिला है, वह किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट की तरफ इशारा करता है:

बरामद सामान मात्रा/वजन
मेफेड्रोन (Mephedrone - MD) 21.189 किलोग्राम (करोड़ों की कीमत)
अफीम (Opium) 0.487 किलोग्राम
अवैध केमिकल्स (HCL व अन्य लिक्विड) 30.800 लीटर
लैब और ड्रग्स बनाने के उपकरण 10 बड़े बैग (पूरा सेटअप जब्त)

मौके से 2 तस्कर दबोचे, उगलेंगे बड़े राज!

इस काली फैक्ट्री को संचालित कर रहे दो मुख्य आरोपियों को मौके से ही रंगे हाथों दबोच लिया गया है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

बड़ी साजिश की बू: CBN अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ एक लैब नहीं थी, बल्कि एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क (Inter-State Network) का हिस्सा थी। अब जांच की सुई इस बात पर टिकी है कि इस लैब के लिए कच्चा केमिकल (प्रिकर्सर) कहाँ से आ रहा था, इसे फाइनेंस कौन कर रहा था और तैयार ड्रग्स किन-किन राज्यों के पब, क्लब और युवाओं तक पहुंचाई जानी थी।

नशा मुक्त भारत के लिए CBN का संकल्प

CBN ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ड्रग माफियाओं को कतई बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को और मजबूत करती है।

 


इतनी बढी फैक्ट्री संचालित हो रही थी चौकी प्रभारी को खबर तक नहीं— मंदसौर एसपी विनोदकुमार मीना ने राजस्थान सीबीएन की कार्रवाई के बाद दलौदा थाना क्षेत्र के कचनारा चौकी प्रभारी पूर्णिमा सिंह सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है, कारण स्पष्ट है कि बडे पैमाने पर लसुडिया इला गांव के पास एक कमरे में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी, चौकी प्रभारी पूर्णिमा​ सिंह को खबर तक नहीं थी।
 

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