मध्यप्रदेश में वर्ष 2019 के बाद एक और हनीट्रैप कांड सामने आया है। इसकी मास्टरमाईंड वही श्वेता जैन है, जो पहले थी। हनीट्रैप के किरदार वही है, लेकिन चेहरें बदले है, कई नेताओं और अफसरों के 100 से ज्यादा अश्लील वीडियो आरोपी श्वेता जैन व अन्य से मिले है। मध्यप्रदेश की राजनीति के साथ—साथ प्रशासनिक हल्के में भी हडकंप मचा हुआ है, नेताओं के साथ—साथ हनीट्रैप में अफसर भी आए हुए है। मालवा के भी रसूखदार इन हनी के चक्कर में फंस गए थे। उनकी भी निंद उडी हुई है।
खास बात यह है कि ये महिलाएं हुस्न का जाल बिछाकर रसूखदार नेताओं, विधायक, उच्च पदों पर बैठे अफसरों को अपना शिकार बनाती थी, जिस होटल या घर में मिलने जाते थे, उसका इंतजाम खुद महिलाएं करती थी, पहले से वहां कैमरों फिक्स करती थी, जिससे बिस्तर पर होने वाली हर गतिविधियां रिकार्ड हो, हम बिस्तर का पूरा ऐपिसोड शूट करती थी। ऐसे 100 से अधिक वीडियो मिले है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
इंदौर एक बार फिर चर्चित हनी ट्रैप मामले के केंद्र में आ गया है। मामले में गिरफ्तार की गईं मुख्य आरोपी श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में लगातार ऐसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिनसे कई रसूखदार लोगों की चिंताएं बेहद बढ़ गई हैं। पुलिस विभाग को आरोपी रेशू के मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस की जांच में 100 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। ये सभी वीडियो बड़े नेताओं, प्रशासनिक अफसरों और नामचीन बिजनेसमैन से जुड़े हुए हैं। आरोपी इन वीडियो के माध्यम से संबंधित लोगों को ब्लैकमेल कर अब तक करोड़ों रुपए की अवैध वसूली कर चुकी है, जबकि कई अन्य बड़े सौदों पर भी उनके द्वारा काम किया जा रहा था। इसके साथ ही कुछ वीडियो को बाजार में बेचने की भी पूरी तैयारी चल रही थी।
सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था पूरा रैकेट:—
पुलिस जांच में यह साफ तौर पर सामने आया है कि यह पूरा रैकेट बेहद प्लांड और सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भोपाल से श्वेता विजय जैन इस पूरे नेटवर्क का संचालन करती थी और वही इसकी मुख्य सूत्रधार थी। श्वेता खुद सीधे तौर पर किसी के सामने आने के बजाय रेशू चौधरी को लगातार निर्देश देती थी और उसे इस काम के लिए ट्रेनिंग भी देती थी। रेशू चौधरी अपने तमाम रसूखदार संपर्कों की जानकारी श्वेता को देती थी, जिसके आधार पर आगे शिकार को फंसाने की पूरी रणनीति तैयार की जाती थी।
मध्य प्रदेश के विधायक और अन्य राज्यों के रसूखदार बने शिकार—
इस बड़े सिंडिकेट का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था। मध्य प्रदेश में वर्तमान जांच के दायरे में एक मौजूदा विधायक, मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुछ रसूखदार नेता और एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। वहीं दिल्ली के एक वरिष्ठ राजनेता और गुजरात के एक नामचीन उद्योगपति भी इस जाल के शिकार बताए जा रहे हैं। दिल्ली के उक्त नेता से लगभग 4 करोड़ रुपए वसूलने की एक बड़ी साजिश भी पुलिस जांच के दायरे में शामिल है।
वीडियो को बड़े स्तर पर बाजार में बेचने की थी योजना—
आरोपियों से की गई पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये सभी आरोपी वीडियो को बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में जुटे थे। जांच एजेंसियों को इनके विभिन्न राजनीतिक संपर्कों और संभावित आर्थिक सौदों के पुख्ता संकेत मिले हैं। पुलिस जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि मध्य प्रदेश के एक विधायक से जुड़ा हुआ एक आपत्तिजनक वीडियो राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किसी अन्य स्तर पर साझा किया गया था।