हेड कांस्टेबल होशियारसिंह सुसाइड केस में खुलासा: अफसरों को धमकाने के लिए पीया था जहर, इसलिए मृतक पुलिस कंट्रोल रूम जा पहुंचा, लेकिन डराने—डराने में मिल गई मौत.....
  • Reporter : dashpur live desk
  • Updated on: February 10, 2026, 1:55 pm


मध्यप्रदेश के नीमच जिले के पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल की छवि तेज तर्राट के साथ—साथ उनकी गिनती ईमानदार आईपीएस अफसरों में आती है। उनके रहते हुए नीमच जिले में हेड कांस्टेबल होशियार सिंह द्वारा आत्महत्या करना गंभीर विषय बन गया है। इस मामले में नया खुलासा हुआ कि मृतक होशियारसिंह का जहर पीकर सीधे कंट्रोल रूम पहुंचना आखिर क्या दर्शाता है, क्या कारण थे कि वे जहरखानी की हालत में सीधे कंट्रोल रूम जा पहुंचे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक होशियार सिंह इतने कमजोर दिल का भी नहीं था। खबर यह भी है कि होशियारसिंह ने जहर तो खाया था, लेकिन वह अफसरों को यह बताने के लिए कंट्रोल पहुंचा कि उसकी समस्या का निराकरण कर दो, नहीं तो बडा कांड हो जाएगा, लेकिन उसने जहर की मात्रा ज्यादा ले ली, इस वजह से पेट की आंतों ने जवाब दे दिया।
मृतक होशियारसिंह को लगा था कि कंट्रोल रूम पर जाकर वह बताएगा कि जहर खा लिया है, तंग आकर, उसे पुलिस अस्पताल ले जाएगी और उसकी जितनी भी परेशानी है, वह तुरंत हल हो जाएगी, पर ईश्वर को कोई और मंजूर था, इस चमकोमाइजिंग में जान चली गई।
जानकारी यह भी सामने आई है कि ईमानदार एसपी अंकित जायसवाल के समक्ष पेश होकर कभी भी मृतक होशियारसिंह ने परेशानी नहीं बताई। यहीं नहीं पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही पुलिसकर्मियों की समस्याओं और​ शिकायतें जानने के लिए शिविर भी लगाया था, उसमें भी मृतक होशियारसिंह ने अपनी पीडा को जाहिर नहीं किया। एक शिकायत किसे दी, क्या दी, उस पर आवक—जावक क्रमांक के साथ संबंधित शाखा में प्रस्तुत की गई शिकायत की सील ठप्पे भी नहीं है। इसलिए यह कहा नहीं जा सकता है कि उसने उसकी पीडा के संबंध में शिकायत किस शाखा में पहुंचाईं। पुलिस अधिकारियों को भी मौत के बाद वायरल पत्र से पता चला।​ शिकायत के संबंध में जांच पडताल की जा रही है।
नीमच पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल खुद इस घटना से हैरान व परेशान है। उनका कहना था कि इतनी गंभीर बात थी तो कम से कम उन्हें तो संज्ञान में लाते, अंदर मन ही मन में मृतक होशियारसिंह के मन में पीडा चल रही थी तो एएसपी, सीएसपी के समक्ष भी प्रस्तुतितकरण दिया जा सकता था, पूरा पुलिस महकमा इस घटना से हैरान है। नीमच पुलिस विभाग में पहले कभी भी इस प्रकार की घटना नहीं हुई है।जैसे ही यह मामला सामने आया तो ईमानदार पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने बारिकी से जांच पडताल कर रहे है। 
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसपी— आते ही सिस्टम को सुधारा— नीमच पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल की पदस्थापना फरवरी 2024 में हुई। उन्होंने आते से ही नीमच पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया। करप्शन में संदिग्ध पाए गए एक दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित व विभागीय जांच बैठाई है, जो अफसर खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ है, उनके जिले में ऐसी घटना हो जाए तो हैरान— परेशान होना स्वभाविक है। इस मामले में एसपी खुद जांच पडतल कर रहे है, अगर आरआई ने दोषी है तो जल्द ही कार्रवाई होगी।

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