नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले में शिक्षा के मंदिर से एक ऐसी शर्मनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य की परंपरा को तार-तार कर दिया है। जिले के डूंगलवदा शासकीय माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के बजाय उन्हें आपस में 'लड़ाने' का खौफनाक खेल चल रहा था। आज शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पडा और पुलिस को हस्तक्षेप करना पडा। शुक्रवार को एक बच्चें ने शिक्षक नानालाल माली को प्रश्न का गलत जवाब दिया तो पड़ौस में बैठे हुए बच्चें से चांटे लगवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। चांटा मारने वाले छात्र के पास दूसरे छात्र का भाई शिकायत करने पहुंचा उसकी मां ने भी उसे पीटा। शिक्षक नानालाल माली द्वारा इस तरह की लड़ाने के कारनामें को लेकर स्कूल के छात्रों के अभिभावकों में आक्रोश है।
मामला किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है, लेकिन यह हकीकत है। आरोप है कि स्कूल के शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के बजाय हिंसा का पाठ पढ़ा रहे थे। अगर कोई मासूम बच्चा किसी प्रश्न का उत्तर गलत देता, तो शिक्षक खुद सजा देने के बजाय दूसरे बच्चे को उसे जोरदार थप्पड़ मारने का आदेश देते थे।
आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि— "यह स्कूल है या टॉर्चर रूम? बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए, लेकिन यहाँ उन्हें एक-दूसरे का दुश्मन बनाया जा रहा है।"
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही इस 'अजीबोगरीब' और हिंसक सजा की खबर बच्चों के माता-पिता तक पहुँची, पूरे गांव में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में ग्रामीण स्कूल पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ऐसा भी होती है क्या पढाई—
अमानवीय सजा: गलत जवाब देने पर मासूमों को आपस में लड़वाया जा रहा था।
मानसिक प्रताड़ना: बच्चों के मन में एक-दूसरे के प्रति नफरत और डर पैदा किया जा रहा था।
नानालाल माली
इस मामले में प्रश्न गलत बोलने पर चांटा मारने की
— एक बच्चे से प्रश्न किया तो बच्चे ने गलत जवाब दिया तो पड़ौस में बैठे बच्चें से चांटे लगवाने का मामला मैरे संज्ञान में आया है। शिक्षक नानालाल माली को समझाइश दी गई है।
—टी.आर. बागड़ी, प्राचार्य, शासकीय माध्यमिक स्कूल, डूंगलावदा, तहसील नीमच जिला नीमच म.प्र.