मध्यप्रदेश के नीमच शहर में बीती रात को चावला कॉलोनी में बीती रात कोक गुइलैन-बैरे सिंड्रोम (GBS) का एक संदिग्ध रोगी मिलने के बाद नगरपालिका और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य तीनों विभाग के अधिकारी एक्टिव हो गए है। युवक का उदयपुर में उपचार चल रहा है, जिसे वेंटिलेटर पर रख रखा है।
नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार 18 जनवरी को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर एसडीएम संजीव साहू ने तहसीलदार संजय मालवीय, नीमच नगर पालिका सीएमओ श्रीमती दुर्गा बामनिया के साथ नीमच शहर में पेयजल टंकी, सप्लाईवाल,पाईपलाइन, जल मंदिरों आदि पेयजल स्रोतों का निरीक्षण कर, व्यवस्थाएं देखी और पेयजल स्रोतों के आसपास साफ सफाई रखने सहित आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारियों ने हुड़को पेयजल टंकी, प्राइवेट बस स्टैंड पुलिया व महू रोड स्थित खुली पाईपलाइन, फव्वारा चौक कुआं, एलआईसी चौराहा व लायंस चौराहा स्थित वाटर सप्लाई वाल्व तथा शहर में विभिन्न स्थानों पर स्थापित जल मंदिरों में रखी, पानी की केन आदि को देखा तथा जल मंदिर पर रखे कैंपर व शहर में कैंपर द्वारा जल वितरण कर रहे वाहनों से जांच हेतु पानी के सैंपल लिए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री साहू ने पेयजल स्रोतों के आसपास पर्याप्त साफ-सफाई रखने, फव्वारा चौक कुए पर यह पानी पीने योग्य नहीं होने का बोर्ड लगाने, पेयजल वितरण हेतु बने वाल्व चैंबर को ढकने सहित आवश्यक निर्देश नगर पालिका अमले को दिए।
निरीक्षण के दौरान नगरपालिका के कार्यालय अधीक्षक कन्हैयालाल शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक, केमिस्ट सुरेश पवार, नाथूलाल नागर तथा बीटीएल कंपनी के आकाश भी दल के साथ थे।
मनासा में पेयजल टंकियों की साफ सफाई क्लोरिनेशन का कार्य प्रारंभ—
विकासखंड मनासा में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार डी.पी.सी, बी. आर.सी. एवं अन्य शासकीय संस्थाओं के जनशिक्षक, पीएचई के सहायक यंत्री की बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री दीपेश वास्पत ने सभी शासकीय एवं निजी शालाओं में टंकी की साफ-सफाई एवं क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए। सभी शाला प्रमुखों को उनकी मांग अनुसार 200-200 सोडियम हाइपोक्लोराइट की क्लोरीन बॉटल उपलब्ध करवाई गई है। स्कूल के पेयजल स्रोतों में हैंडपंप टेक्नीशियन द्वारा क्लोरिनेशन का कार्य किया जा रहा है।