—मादक पदार्थ की तस्करी के दो नंबर का पैसा सोने—चांदी में खपने के कारण तेजी, हर दो—तीन सामने होता है नीमच व मंदसौर जिले में बडा कांड
मध्यप्रदेश के नीमच व मंदसौर जिला अफीम उत्पादक है, स्वभाविक है कि हरियाणा, पंजाब सहित अनेक राज्यों के तस्करों की निगाहें एमपी के दोनों जिले पर जमी रहती है। मादक पदार्थ की तस्करी के खेल में सालों से खूनी संघर्ष व गैंगवार होती आई है, धीरे—धीरे एक छोटा तस्कर बडा तस्कर बनता है और तस्करी के धंधे मे धाक जमाने के लिए वह गैंगवार का सहारा लेता है, नीमच मंदसौर जिले में अब खूनी खेल सिर्फ मादक पदार्थ तक सीमित नहीं रहा है, अब सोने—चांदी के आभूषण के खेल में गैंगवार व हत्याएं सामने आने लगी है।
इसकी शुरूआत डायमंड ज्वेलर्स के अजय सोनी और अनिल सोनी से हुई। अनिल सोनी ने कई व्यापारियों का सोना—चांदी खा गया। इसी के चलते उसकी दुश्मनी लाला—पठानो से हो गई और उसका अंत हो गया...
कुछ दिन पहले नीमच के सर्राफा कारोबारी बहादुर सोनी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई, मौत की वजह लोगों को करोडों रूपए देना सामने आया था। हाल ही में मंदसौर के सर्राफा कारोबारी दिलीप जैन और उसकी पत्नी रेखा जैन की हत्या हो गई। इसके पीछे भी सोने का लेन—देन सामने आया है। हमलावर विकास सोनी निवासी निम्बाहेडा इन दोनों पति—पत्नी को मारकर खुद मर गया। इस हत्याकांड की वजह भी सोने—चांदी के व्यापार से जुडे देनदारी सामने आई है।
नीमच व मंदसौर जिले में सर्राफा कारोबार में अभी भी ऐसे मामले अंदरूनी चल रहे है। कई व्यापारी करोडों रूपए डकार कर बैठे है, दोनों जिले के पुलिस प्रशासन को सोने—चांदी के धंधे में बढते खूनी खेल पर अंकुश के लिए सभी सोने—चांदी के व्यापारियों का बायोडाटा तैयार करना होगा और उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।