— रेड सेंड बोआ की खरीद—फरोख्त, तांत्रिक क्रियाए करने के लिए बेचने वाले थे तस्कर
मध्यप्रदेश के मंदसौर में रेड सेंड बोआ नामक सांप को तस्करों की चंगुल से मुक्त करवाया है। जिसे दोमुही भी कहा जाता है। मंदसौर के वन मंडला अधिकारी संजय रायखे ने बताया वन्यप्राणी सेंड बोआ (Red Sand Boa) वैज्ञानिक नाम Eryx johnii की अवैध तस्करी (खरीद फरोख्त) की मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर मुखबिर के बताए हुलिए के अनुसार व्यक्तियों को हवाई पट्टी भालोट रोड़ मंदसौर के पास खेत में देख घेरा बंदी कर आरोपियों के पास थैले में रखे 01 रेड सेंड बोआ सांप को जप्त कर गिरफ्तार किया गया मौके से एक आरोपी वरसिंह भाग निकला तथा एक मोटर साइकिल प्लैटिना जप्त की गई। वन्यप्राणी की अवैध तस्करी करते पकड़े गये आरोपी श्री बद्रीलाल पिता शंकरलाल निवासी जेठाना तहसील पिपलौदा जिला रतलाम तथा श्री नवीन पिता कोमलचंद्र जैन निवासी खानपुरा जिला मंदसौर की निशानदेही पर प्रकरण में संलिप्त एक अन्य आरोपी कौसर बेग पिता हमीद बेग निवासी रिसाला मस्जिद नीमच को नीमच से गिरफ्तार कर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 3832/11 दर्ज किया जप्त वन्यप्राणी को माननीय न्यायालय की स्वीकृति उपरांत प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया तथा माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मंदसौर द्वारा तीनों आरोपियों को 20.01.2026 तक की न्यायिक अभिरक्षा दी गई। प्रकरण में विवेचना जारी है। वन्यप्राणी सेंड बोआ (Red Sand Boa) वैज्ञानिक नाम Eryx johnii वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की प्रथम अनुसूचि के भाग C के क्रमांक 1 पर संरक्षित है।इनके अवैध तस्करी में संलिप्त आरोपियों को 3 से 7 वर्ष के कारावास एवं न्यूनतम 25 हजार के दंड का प्रावधान है।