ओलावृष्टि और बारिश से मध्यप्रदेश के मंदसौर और नीमच जिले के किसानों के मुंह में आया निवाला छिन गया है। एक से डेढ महिने में फसल पककर आ जाती, उससे पहले ही प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपा दिया। किसान इस वक्त खतरनाक पीडा में है और डॉ. मोहन यादव सरकार से मुआवजा की मांग कर रहे है। मंदसौर और नीमच जिले में सर्वे को लेकर किसान आंदोलन पर उतारू हो गए है। सोमवार को मंदसौर जिले के झार्डा में तो किसान ओलो से भरा हुआ तपेला लेकर आ गए और प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचंद पहुंचे। उन्होंने तहसीलदार ब्रजेश मालवीय को स्पष्ट रूप से कहा कि मुआवजा वितरण में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। किसी के खाते में मुआवजे की राशि 426 रूपए आए तो किसी के खाते में 25 हजार डाल दो, ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर एक सप्ताह में किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।